धार (मध्य प्रदेश), 10 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश के धार जिले के गोंदीखेड़ा चारण गांव में हुए देवकृष्ण पुरोहित हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। शुरुआती जांच में इसे लूट की घटना बताया जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर यह मामला प्रेम प्रसंग और सुनियोजित हत्या का निकला।
क्या है पूरा मामला
मृतक देवकृष्ण पुरोहित (27) मसाला कारोबारी थे। उनकी शादी वर्ष 2015 में प्रियंका पुरोहित से हुई थी। शादी के बाद प्रियंका कई वर्षों तक मायके में रहीं और 2017 में ससुराल आईं।
पुलिस जांच में सामने आया कि ससुराल आने के बाद प्रियंका का गांव के ही युवक कमलेश पुरोहित से संबंध बन गया, जो लंबे समय तक चलता रहा। इसी संबंध के चलते पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ते गए।
हत्या की साजिश कैसे बनी
पुलिस के अनुसार, प्रियंका और कमलेश ने मिलकर देवकृष्ण को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
3 अप्रैल 2026 को दोनों ने एक कथित सुपारी किलर सुरेंद्र भाटी को करीब 1 लाख रुपये देकर हत्या की जिम्मेदारी सौंपी।
हालांकि, पहली कोशिश नाकाम रही और घटना को 5-6 अप्रैल की रात अंजाम दिया गया।
हत्या की रात क्या हुआ
5 और 6 अप्रैल की दरमियानी रात आरोपी सुरेंद्र भाटी घर में घुसा।
पुलिस के मुताबिक, घटना को लूट जैसा दिखाने के लिए घर का सामान बिखेरा गया, लॉकर तोड़े गए और प्रियंका को हल्के तरीके से बांधा गया।
इसके बाद दूसरे कमरे में सो रहे देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
लूट की झूठी कहानी
घटना के कुछ देर बाद प्रियंका ने शोर मचाया और गांव वालों को बताया कि घर में लूट हुई है।
उन्होंने करीब 3 लाख रुपये के जेवर और 50 हजार रुपये नकद चोरी होने का दावा किया।
लेकिन पुलिस जांच में यह कहानी संदिग्ध पाई गई।
पुलिस जांच में खुलासा
धार पुलिस अधीक्षक (एसपी) मयंक अवस्थी के निर्देशन में टीम ने मौके पर जांच की।
जांच के दौरान कई अहम बिंदु सामने आए:
- घर में संघर्ष के कोई स्पष्ट निशान नहीं थे
- प्रियंका के बंधन ढीले थे
- लॉकर तोड़ने का तरीका संदिग्ध था
- बयान बार-बार बदल रहे थे
साइबर जांच में व्हाट्सएप चैट्स खंगाली गईं, जिनसे पूरी साजिश का खुलासा हुआ।
करीब 36 घंटे के भीतर पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझा ली।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने प्रियंका पुरोहित और कमलेश पुरोहित को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच में सामने आया कि कथित रूप से चोरी हुआ जेवर और नकदी घर से ही बरामद कर लिए गए।
मुख्य आरोपी सुरेंद्र भाटी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, देवकृष्ण की मौत सिर पर गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई।
अंतिम संस्कार और गांव में शोक
7 अप्रैल को देवकृष्ण पुरोहित का अंतिम संस्कार किया गया।
घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला पूरी तरह से सुनियोजित हत्या का है, जिसमें पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची।
फरार आरोपी की तलाश जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।